रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में चल रहे धरने और भूख हड़ताल के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। 15 दिन से अनशन कर रहे कल्पना के पिता को प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने गुरुवार सुबह सिरमौर चौराहे पर लोगों से जुटने की अपील की है।
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रीवा। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। न्याय की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर चल रहे धरने और अनशन को लेकर अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने गुरुवार सुबह 11 बजे लोगों से सिरमौर चौराहे पर पहुंचने की अपील की है। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने भी प्रस्तावित जुटान को लेकर निगरानी बढ़ा दी है।
कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा बेटी और नवजात की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और FIR की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर अनशन कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने 2 सितंबर से धरना शुरू किया था और लगातार अपनी मांगों पर कायम थे।
परिवार का कहना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई या निलंबन पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम सिरमौर चौराहे पहुंची। अधिकारियों ने स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देते हुए अनशन कर रहे पिता को धरनास्थल से हटाया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रिपोर्टों के अनुसार धरनास्थल पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हटाया गया और टेंट-पंडाल खाली कराया गया।
प्रशासन का कहना है कि सिरमौर चौराहा व्यस्त इलाका है। लंबे समय से चल रहे धरने के कारण यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। साथ ही लगातार अनशन के कारण प्रदर्शनकारी की तबीयत खराब हो रही थी। इसी वजह से प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
पिता को धरनास्थल से हटाए जाने के बाद कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने गुरुवार सुबह 11 बजे सिरमौर चौराहे पर लोगों से जुटने की अपील की है। विधायक ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलनकारी की मांगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें धरनास्थल से हटाया गया।
अभय मिश्रा पहले भी इस मामले को लेकर सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा चुके हैं। इससे पहले वे भोपाल में भी मामले को लेकर धरने पर बैठे थे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR की मांग उठाई थी।
कल्पना मिश्रा के परिवार की मुख्य मांग जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और निष्पक्ष जांच की है। सितंबर की शुरुआत में सिरमौर चौराहे पर धरना शुरू करते हुए पिता ने कहा था कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से मामले में मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू की गई है। जांच के जरिए घटना से जुड़े तथ्यों और इलाज की प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।
यह पूरा मामला 26 अगस्त का है। संजय गांधी अस्पताल, रीवा में इलाज के दौरान कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप लगाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू की।
मामले में प्रशासनिक स्तर पर पहले भी कार्रवाई हुई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार अस्पताल से जुड़े कुछ अधिकारियों और चिकित्सकीय कर्मचारियों पर निलंबन या पद से हटाने जैसी कार्रवाई की गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी तय होना जांच और कानूनी प्रक्रिया का विषय है।
अब पिता को अस्पताल भेजे जाने के बाद कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने लोगों से सिरमौर चौराहे पहुंचने की अपील की है। ऐसे में गुरुवार सुबह 11 बजे प्रस्तावित जुटान को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट है।
मामला पहले ही राजनीतिक रूप ले चुका है और परिवार लगातार FIR की मांग कर रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आज सिरमौर चौराहे पर कितने लोग जुटते हैं और प्रशासन इस स्थिति को किस तरह संभालता है।



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