रीवा के पताई गांव में स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने से 456 विद्यार्थी परेशान हैं। सड़क के लिए 10.04 लाख रुपए मंजूर होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हुआ।

Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के पताई गांव में स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने से परेशान विद्यार्थी धरने पर बैठ गए। गंगेव विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पताई तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से करीब 250 मीटर का रास्ता नहीं है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले 456 विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि स्कूल तक सड़क बनाने के लिए 10.04 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। लंबे समय से रास्ते की समस्या का सामना कर रहे विद्यार्थियों ने अब धरना देकर अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई है।
पताई गांव का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वर्ष 1956 से संचालित है। यहां कक्षा पहली से 12वीं तक कुल 456 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें 222 बालक और 234 बालिकाएं शामिल हैं।
मुख्य सड़क से स्कूल तक पहुंचने के लिए करीब 250 मीटर का रास्ता है, लेकिन इस हिस्से में पहुंच मार्ग नहीं होने से विद्यार्थियों के साथ स्कूल के कर्मचारियों को भी आने-जाने में परेशानी होती है। लंबे समय से बनी इस समस्या का समाधान नहीं होने पर अब विद्यार्थियों ने धरने का रास्ता अपनाया है।
स्कूल तक पहुंच मार्ग बनाने के लिए पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश, भोपाल की ओर से 2 अगस्त 2026 को 10.04 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी। स्वीकृति आदेश में स्कूल तक 300 मीटर लंबी सीसी सड़क बनाने का उल्लेख है।
इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। सड़क के लिए राशि मंजूर होने के बाद भी काम शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों और ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि रास्ते की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए, ताकि बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी न उठानी पड़े।
सड़क निर्माण शुरू कराने के लिए जनपद सदस्य ममता अशोक सिंह ने 24 सितंबर 2026 को एसडीएम सिरमौर को पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने स्कूल तक सड़क निर्माण का काम जल्द शुरू कराने की मांग की थी।
पत्र में चेतावनी दी गई थी कि यदि एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो स्कूल परिसर के सामने धरना दिया जाएगा। अब विद्यार्थी खुद धरने पर बैठ गए हैं और सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।
मामले में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि बच्चों की समस्या को लेकर प्रशासन और सरकार संवेदनशील हैं। इस संबंध में संवाद कर उनकी परेशानी सुनी जा रही है और जल्द समाधान किया जाएगा।
फिलहाल विद्यार्थियों को स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क का इंतजार है। अब देखना होगा कि प्रशासन स्वीकृत राशि के बावजूद रुके पड़े निर्माण कार्य को कब शुरू कराता है और बच्चों को राहत कब मिलती है।



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