सिंगरौली के बगदरा कला जंगल में सागौन के 20 से ज्यादा हरे पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। वन विभाग ने चार घरों से सागौन की लकड़ी जब्त की है। चारों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
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सिंगरौली। जिले के चितरंगी रेंज के बगदरा कला जंगल में सागौन के हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने जंगल में पहुंचकर जांच की। मौके पर 18 से ज्यादा सागौन के पेड़ कटे हुए मिले। वन विभाग के मुताबिक कटे पेड़ों की संख्या 20 से ज्यादा होने की आशंका है।
जांच के दौरान टीम ने आसपास के इलाकों में भी पूछताछ की। इसके बाद गांव में कार्रवाई करते हुए चार घरों से सागौन की लकड़ी जब्त की गई। वन विभाग ने मामले में चार से अधिक लोगों के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया है। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही संबंधित लोग मौके से फरार हो गए। वन विभाग की टीम अब उनकी तलाश कर रही है।
बगदरा कला जंगल में हरे सागौन के पेड़ काटे जाने की सूचना वन विभाग को मुखबिर से मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए चितरंगी रेंज के रेंजर रवि शेखर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जंगल में जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सागौन के पेड़ कटे हुए मिले। मौके पर पेड़ों के तने और कटाई के निशान भी पाए गए। वन अमले ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से पूछताछ कर पेड़ कटाई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई।
जंगल में जांच के बाद वन विभाग की टीम ने गांव में भी कार्रवाई की। टीम ने राबेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, अनिल सिंह और विनोद सिंह के घरों की जांच की। यहां से सागौन की लकड़ी बरामद होने का दावा वन विभाग ने किया है।
विभाग के अनुसार कार्रवाई की जानकारी मिलते ही चारों लोग मौके से फरार हो गए। वन विभाग ने जब्त लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रेंजर रवि शेखर सिंह के मुताबिक बगदरा कला क्षेत्र में वर्ष 2011 में सागौन के पौधे लगाए गए थे। इन पौधों की सुरक्षा और जंगल की निगरानी वन विभाग द्वारा की जा रही है।
अधिकारी के अनुसार इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी लगातार चल रही है। पहले भी कुछ लोगों के अतिक्रमण हटाए गए थे। वन विभाग का कहना है कि पहले अतिक्रमण हटाए गए कुछ लोगों के घरों से भी सागौन की लकड़ी मिली थी और उस समय वन अपराध दर्ज किया गया था।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से नाराज कुछ ग्रामीणों पर पेड़ काटने का आरोप है। रेंजर का कहना है कि कथित तौर पर वन विभाग पर लकड़ी चोरी करवाने का आरोप साबित करने के उद्देश्य से जंगल में हरे सागौन के पेड़ काटे गए।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। वन विभाग ने मामले में चार से अधिक लोगों के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
वन विभाग की टीम अब जंगल में काटे गए पेड़ों की वास्तविक संख्या और जब्त की गई सागौन की लकड़ी की मात्रा का आकलन कर रही है। शुरुआती जांच में 18 से ज्यादा पेड़ कटे मिले हैं, जबकि विभाग को आशंका है कि कुल संख्या 20 से अधिक हो सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और वन कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन विभाग की टीम फरार आरोपियों की तलाश के साथ जंगल में निगरानी बढ़ा रही है।