Loading...
Loading...
दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी है। पार्टी ने उन पर भीतरघात और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए हैं।
दतिया. दतिया उपचुनाव खत्म होते ही कांग्रेस ने फिर से एक बड़ा संगठनात्मक फैसला कर दिया है, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी गई. पार्टी का कहना है कि चुनाव के दौरान उन्होंने संगठन का अपेक्षित सहयोग नहीं किया और उनकी भूमिका को लेकर, कई शिकायतें भी आई. इससे पहले, हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी खत्म हो चुकी थी. अब लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई ने उनकी राजनीतिक स्थिति को, सच कहें तो और भी उलझा दिया है. फिलहाल राजेंद्र भारती की तरफ़ से कोई नया बयान सामने नहीं आया।
दतिया उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के अंदर सब कुछ सहज नहीं था. चुनाव समाप्त होने के बाद पार्टी उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की कि राजेंद्र भारती ने प्रचार के दौरान, अपेक्षित सहयोग नहीं दिया. शिकायत में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और भाजपा से कथित सांठगांठ के आरोप भी जुड़े हुए थे। इन बातों के बाद कांग्रेस संगठन ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की, और फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी.
राजेंद्र भारती की मुश्किलें तब शुरू हुईं जब हाईकोर्ट ने उन्हें एक मामले में तीन साल की सजा सुना दी. जनप्रतिनिधित्व कानून के मुताबिक उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, और दतिया सीट पर उपचुनाव कराया गया. मतदान 30 जुलाई को हुआ। चुनाव से पहले राजेंद्र भारती ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि कांग्रेस उन्हें, या उनके परिवार के किसी सदस्य को उम्मीदवार न बनाए. इसके बाद कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतार दिया.
उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दतिया में लगातार प्रचार करते रहे, लेकिन राजेंद्र भारती की सक्रियता पूरे चुनाव में चर्चा का कारण बन गई. उनकी गैरमौजूदगी को लेकर संगठन के अंदर भी प्रश्न खड़े हुए. मतदान के बाद घनश्याम सिंह ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव के दौरान पूरा संगठनात्मक सहयोग नहीं मिला. फिर प्रदेश नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया, और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई.
मतगणना से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने राजेंद्र भारती को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये फैसला चुनाव के दौरान मिली शिकायतों और संगठन की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया होगा. लेकिन पार्टी ने सार्वजनिक रूप से विस्तृत कारण जारी नहीं किए हैं. दूसरी तरफ, राजेंद्र भारती पहले ही इन आरोपों को निराधार बता चुके हैं। ताज़ा कार्रवाई के बाद भी उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दिखी.
राजेंद्र भारती लंबे समय तक दतिया में कांग्रेस के प्रमुख चेहरा रहे हैं. इसलिए उनका निलंबन सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं माना जा रहा, बल्कि स्थानीय राजनीति के लिए भी यह बड़ा घटनाक्रम कहा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों और आगे की रणनीति पर पड़ सकता है. अब सबकी नज़र इस बात पर टिक गई है कि पार्टी आगे क्या कदम उठाती है और राजेंद्र भारती इस पूरे मामले पर, कब और कैसे प्रतिक्रिया देते हैं.
मध्य प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी के विस्तार की इनसाइड पड़ताल। जानिए कैसे इंदौर से 5 रूटों पर 26 ई-बसों का संचालन और 20 अन्य रूटों का टेंडर मॉडल काम करेगा।
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है।
पहली टिप्पणी करने वाले बनें!
हर बड़ी ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट्स सीधे अपने इंस्टाग्राम पर पाएं।
Join Nowमध्य प्रदेश में सितंबर में होने जा रहे दो दिवसीय चिंतन शिविर का इनसाइड विश्लेषण। जानिए क्यों पचमढ़ी का वेन्यू बदला गया और ढाई साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड क्यों अहम है।