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सोमालिया में तुर्की के सैन्य हथियारों से लदे जहाज के अपहरण के पीछे क्या समुद्री डकैतों का पुराना नेटवर्क है? पढ़िए M/V LUTUF हाईजैकिंग, 6 भारतीयों की मौजूदगी और एयरस्ट्राइक की पूरी इनसाइड रिपोर्ट।

सोमालिया के पुंटलैंड तट पर कैमरून के ध्वज वाले मालवाहक जहाज के अपहरण ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि इस जहाज पर तुर्की के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हथियार और संवेदनशील तकनीकी उपकरण भेजे जा रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे गंभीर पहलू यह है कि चालक दल के 10 सदस्यों में से 6 भारतीय नागरिक हैं। विश्लेषक इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह केवल फिरौती के लिए की गई डकैती है या इसके पीछे कोई गहरी सामरिक साजिश है।
प्राप्त डाटा के अनुसार, अगवा किए गए जहाज M/V LUTUF को पुंटलैंड के इयल जिले में स्थित मर्राया तट से करीब 3.5 नॉटिकल मील की दूरी पर पकड़ा गया था। लुटेरों ने तुरंत जहाज की दिशा बदलकर उसे नुगाल तट की ओर मोड़ दिया। सोमाली प्रशासन के एक अधिकारी ने इस रूट मूवमेंट की पुष्टि की है, लेकिन तटीय इलाकों में सुरक्षा शून्यता के कारण सटीक ग्राउंड इनपुट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है।
अधिकारी के बयानों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि जहाज मोगादिशू स्थित तुर्की सैन्य प्रशिक्षण सुविधा के लिए हथियार ले जा रहा था। कार्गो में उन्नत किस्म के संचार और सैटेलाइट उपकरण भी शामिल थे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन आधुनिक और संवेदनशील उपकरणों का गैर-राज्य तत्वों के हाथ लगना पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
जांच से यह संकेत मिलता है कि इस ऑपरेशन में शामिल करीब आठ लुटेरे उसी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जिसने 26 अप्रैल को M/V Sward नामक मर्चेंट पोत का अपहरण किया था। जहाज को डंगोरोयो जिले के गरमाल तटीय क्षेत्र में लंगर डालने के लिए ले जाया गया। इसके तुरंत बाद तुर्की के दो जहाज इलाके में पहुंचे और हेलिकॉप्टर व मानवरहित ड्रोन के जरिए निगरानी का दायरा बढ़ाया गया, जो कि घटना की गंभीरता को साबित करता है।
मंगलवार को जहाज पर 'खत' नामक स्थानीय मादक पदार्थ की सप्लाई के तुरंत बाद तट पर हुआ हवाई हमला कई नए सवाल खड़े करता है। इस हमले में 4 लोग मारे गए और 2 घायल हुए, लेकिन क्या वे समुद्री डकैत थे, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। सबसे बड़ा सवाल M/V LUTUF, उस पर लदे संवेदनशील सैन्य साजो-सामान और छह भारतीय नागरिकों सहित पूरे 10 सदस्यीय क्रू की वर्तमान स्थिति को लेकर बना हुआ है, जिसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
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