मऊगंज में मंगलवार को 1200 से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। देवलहा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। विसर्जन का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहेगा।

मऊगंज जिले में नवरात्रि के समापन के बाद मंगलवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक माता रानी की प्रतिमाएं ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ जुलूस के रूप में नदी घाटों और जलाशयों तक पहुंचीं। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 1200 से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। इस दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नईगढ़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध मां अष्टभुजा धाम के पास स्थित देवलहा नदी घाट पर दिनभर भक्तों की भीड़ रही। लोगों ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी और अगले साल फिर आने की कामना की। प्रशासन और पुलिस की टीमें घाटों पर व्यवस्था संभालती रहीं। प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहने की संभावना है।
जुलूस के साथ घाटों तक पहुंचीं प्रतिमाएं
नगर पालिका क्षेत्र और आसपास के गांवों से दुर्गा प्रतिमाओं को सजाकर जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच प्रतिमाएं विसर्जन स्थलों तक पहुंचीं। घाटों पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी को विदाई दी गई।
देवलहा घाट पर दिनभर रही भीड़
नईगढ़ी के मां अष्टभुजा धाम के पास स्थित देवलहा नदी घाट पर सुबह से ही प्रतिमाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। यहां बड़ी-बड़ी झांकियों के साथ श्रद्धालु पहुंचे। विसर्जन के दौरान घाट पर लोगों की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदा किया।
1200 से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार तक जिले में 1200 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था। हालांकि, कई स्थानों पर विसर्जन की प्रक्रिया जारी रही। बुधवार को भी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी रहने की बात कही गई है।
व्यवस्था संभालने में जुटा रहा प्रशासन
विसर्जन के दौरान घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन, पुलिस और नगर परिषद की टीमें तैनात रहीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच व्यवस्थाएं संभालीं, ताकि विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके।


