मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि में 50 प्रतिशत हिस्सा पत्नी को मिलेगा। शेष 50 प्रतिशत राशि उनके बुजुर्ग माता-पिता को दी जाएगी।

पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद स्मारक पर फूल चढ़ाकर देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि में 50 प्रतिशत हिस्सा पत्नी को मिलेगा। शेष 50 प्रतिशत राशि उनके बुजुर्ग माता-पिता को दी जाएगी। यह बदलाव परिवार के अलग-अलग सदस्यों को आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से किया गया है।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नौ शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिला पुलिस बल, महिला प्लाटून, अश्वारोही दल और श्वान दल ने परेड में हिस्सा लिया।
सीएम ने कहा कि पुलिस और सशस्त्र बल लोकतंत्र, अखंडता और देश की सुरक्षा को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। जवानों का साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण देश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखने की बात कही।
मध्यप्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता पर मुख्यमंत्री ने गर्व जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जवानों ने इस चुनौती का मजबूती से सामना किया। सरकार पुलिसकर्मियों की भर्ती, पदोन्नति और सुविधाओं में सुधार के लिए भी प्रयास कर रही है।
पुलिस बैंड और होमगार्ड में नई भर्तियों के जरिए युवाओं को अवसर देने की पहल का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को आने वाली सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार करने और आधुनिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत बताई।
पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों की स्मृति से जुड़ा है।