एरोड्रम थाने में भाजपा कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे और उनके जीजा पंकज चौबे के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है।

Indore News: इंदौर के एरोड्रम थाने में भाजपा कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे और उनके जीजा पंकज चौबे के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में विधायक गोलू शुक्ला के 400 से अधिक समर्थक थाने पहुंच गए और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। देर रात हंगामे के बाद थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
जयदीप दुबे के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे घर के पास स्कूटी सवार पड़ोसी से अचानक ब्रेक लगाने की बात पर विवाद हो गया था। आरोप है कि पड़ोसी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। बीच-बचाव करने आए परिवार के सदस्यों के साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई। दुबे ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया। इसके बाद वे शिकायत दर्ज कराने एरोड्रम थाने पहुंचे।
जयदीप दुबे का आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को सीने में दर्द होने की जानकारी भी दी, लेकिन शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। रात करीब 11 बजे वे अपने जीजा पंकज चौबे के साथ दोबारा थाने पहुंचे। पंकज चौबे भाजपा मंडल उपाध्यक्ष हैं।
दुबे के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ विवाद हुआ। उन्होंने थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों पर लात-घूंसों और डंडों से मारपीट करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।
जयदीप दुबे की पत्नी रानू दुबे ने आरोप लगाया कि थाने में शिकायत दर्ज कराने के दौरान उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि थाना प्रभारी ने उन्हें गलत तरीके से छुआ और सीने पर हाथ लगाकर धक्का दिया। परिवार ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलने पर विधायक गोलू शुक्ला के 400 से अधिक समर्थक एरोड्रम थाने पहुंच गए। समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ता थाने में धरने पर भी बैठ गए। हंगामा बढ़ने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
मामले में पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता पक्ष का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा था और रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज की जानी थी। इसी प्रक्रिया को लेकर थाने में विवाद हुआ। इसके बाद पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए गए।
हंगामे के बाद थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुआ विवाद शनिवार सुबह तक जारी रहा। शिकायत, थाने में कथित मारपीट के आरोप, समर्थकों के पहुंचने और पुलिसकर्मियों के निलंबन तक करीब 12 घंटे तक घटनाक्रम चलता रहा। फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है।



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