आखिर दिल्ली में पीएम मोदी और सीएम मोहन यादव की बैठक के पीछे क्या बड़ा ब्लूप्रिंट था? जानिए 2027 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और राज्य के निवेश मॉडल का पूरा इनसाइड एनालिसिस।

आखिर क्या वजह थी कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को अचानक नई दिल्ली पहुंचे और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की? इस मुलाकात का यदि गहराई से विश्लेषण किया जाए, तो यह केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और भारी निवेश से जुड़े प्रयासों की जमीनी हकीकत की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने रणनीतिक रूप से 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए भी पीएम मोदी को आमंत्रित किया, जो एक बड़े आर्थिक रोडमैप का हिस्सा है।
अर्थशास्त्र के नजरिए से देखें तो इस मुलाकात में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 प्रमुख मुद्दों में रहा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को समिट में शामिल होने का न्योता दिया। इसके पीछे का असली एनालिसिस यह है कि सरकार मध्यप्रदेश में प्राइवेट निवेश का एक मजबूत माहौल तैयार करने, एमएसएमई व बड़े उद्योगों को बढ़ावा देने और स्ट्रक्चरल तरीके से रोजगार के नए अवसर बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसका डेटा पीएम से साझा किया गया।
सीएम मोहन यादव ने प्रधानमंत्री को मध्यप्रदेश में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (विकास कार्यों) और बजट के सही उपयोग से जुड़े जनकल्याण कार्यक्रमों की ग्राउंड रिपोर्ट (जानकारी) दी। इसके साथ ही प्रदेश की आर्थिक व सामाजिक उपलब्धियों और विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े प्रयासों पर भी एक गहरी और विश्लेषणात्मक चर्चा हुई।
योजनाओं के इम्पैक्ट एनालिसिस के तहत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में शुरू की गई 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इसके अलावा डेटा-ड्रिवेन एप्रोच के साथ 17 सितंबर से चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत प्रदेशभर में हो रही जमीनी गतिविधियों और उसमें शामिल हो रही जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की।
एनालिसिस के अंतिम चरण में, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने 'किसान कल्याण वर्ष 2026' के तहत किसानों के लिए लिए गए बड़े वित्तीय फैसलों की जानकारी दी। इसके साथ ही, 'बलराम कृषि महोत्सव' के आउटपुट और 'सांदीपनि विद्यालयों' के एजुकेशनल मॉडल की उपलब्धियों की विस्तृत विश्लेषणात्मक रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री को सौंपी।