मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों का गहरा विश्लेषण। जानिए 42,490 करोड़ के स्वीकृत कार्यों और दुबई से आए 53 हजार करोड़ के निवेश का क्या है असली गणित।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक का यदि गहराई से विश्लेषण किया जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि सरकार का फोकस दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे पर है। बैठक में परिवहन, शिक्षा, युवाओं, किसानों और भू-स्वामियों से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल द्वारा दी गई जानकारी का ऑडिट करें तो, कैबिनेट ने वर्ष 2031 तक करीब 42,490 करोड़ रुपये के स्वीकृत कार्यों को जारी रखने का रणनीतिक फैसला किया है। इस विशाल बजट में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं भी शामिल हैं, जो कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा आर्थिक निवेश है।
यातायात इंफ्रास्ट्रक्चर के विश्लेषण के तहत 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' शुरू करने का फैसला काफी अहम है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर से इंदौर में इसकी शुरुआत होगी। डेटा के मुताबिक, इस योजना के तहत 150 सिटी और 436 अंतरनगरीय (इंटरसिटी) रूटों को विकसित किया जा रहा है। सरकार की दीर्घकालिक योजना इस नेटवर्क का विस्तार विकासखंड स्तर तक करने की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
छात्र प्रोत्साहन योजना का तकनीकी विश्लेषण करें तो 19 सितंबर को भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को ई-स्कूटी देंगे। इसके लिए जो फिल्टर (नियम) लगाए गए हैं वे काफी सख्त हैं—योजना का लाभ केवल उन्हीं नियमित विद्यार्थियों को मिलेगा जिन्होंने 12वीं कक्षा में प्रथम प्रयास में 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों और अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया हो।
संपत्ति विवादों के डेटा का एनालिसिस बताता है कि प्रदेश में 17 सितंबर से इंदौर से शुरू हो रही 'स्वामित्व योजना' एक गेमचेंजर हो सकती है। इसके लिए करीब 68 लाख अभिलेखों का मजबूत डेटाबेस तैयार किया गया है। निजी समितियों का पंजीकरण निःशुल्क करने से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। सरकार का अर्थशास्त्रीय दावा है कि इससे संपत्ति विवादों में कमी आएगी और प्रॉपर्टी को कोलैटरल (गिरवी) मानकर बैंक से ऋण लेने का रास्ता आसान होगा।
माइक्रो इकॉनमी को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने की तकनीकी अनुमति दे दी है। वहीं, जनसांख्यिकीय आवश्यकताओं का विश्लेषण करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के तहत अनूपपुर और शहडोल में नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है, जो सीधे रोजगार से जुड़ा मामला है।
कैबिनेट में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) की समीक्षा भी हुई। मुख्यमंत्री के हालिया दुबई दौरे से मिले 53 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक और रोजगार विकास को भारी गति मिलने का अनुमान है। राजनीतिक इवेंट्स की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विशेष कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।