टाटरी में सीएम मोहन यादव द्वारा अचानक काफिला रोकने के पीछे क्या वजह थी? यह सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति उनका खास जुड़ाव है।

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अचानक अपना काफिला रोक दिया। टाटरी में एक निजी पब्लिक स्कूल के बाहर उनकी फ्लीट रुकने के पीछे का असल कारण शिक्षा और युवा पीढ़ी से उनका सीधा और व्यक्तिगत जुड़ाव माना जा रहा है।
इस घटना का विश्लेषण करें, तो सीएम का असल गंतव्य टाटरी हेलीपैड था। लेकिन जब उन्होंने रास्ते में बच्चों को प्रार्थना करते देखा, तो वे खुद को रोक नहीं पाए। यह कदम साफ बताता है कि वे स्कूली छात्रों से मिलने के किसी भी मौके को छोड़ना नहीं चाहते।
सूबे के मुखिया का यह कदम स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा सरप्राइज था। उस समय बच्चे रुटीन असेंबली में थे। सीएम ने उनसे बड़ी सहजता से बात की और पूछा कि 'आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है?' इस तरह का सीधा संवाद बच्चों के मनोविज्ञान पर बहुत सकारात्मक प्रभाव डालता है।
उन्होंने बच्चों के नाम और कक्षा पूछी और आखिर में मन लगाकर पढ़ने की सीख दी। एक राजनेता का इस तरह से प्रोटोकॉल तोड़कर आम जनता से मिलना, समाज और प्रशासन के बीच की दूरी को पाटने का एक बहुत ही कारगर तरीका माना जाता है।



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