JPSC भर्ती परीक्षा विवाद में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन छात्रों का आंदोलन थमा नहीं है। अभ्यर्थी CBI-ED जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और अपनी अन्य प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन फिलहाल समाधान नहीं निकल सका है।
रांची। झारखंड में JPSC भर्ती परीक्षा को लेकर जो विवाद सामने आया है उस पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों… ठीक से कहें तो छात्रों के बीच बातचीत करवाने वाली पहल तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से संवाद करने के लिए चार मंत्रियों की समिति बना दी है। लेकिन फिर भी, सरकार की कोशिश के बावजूद वार्ता को लेकर आखिरी सहमति नहीं बन पाई, ऐसा ही माहौल बताया जा रहा है। छात्रों का रुख साफ है—बातचीत तभी होगी जब मुख्यमंत्री खुद शामिल हों, और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चले, इस बात पर वे ज़ोर दे रहे हैं।
छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों की समिति का गठन किया। इसमें उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को रखा गया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर बातें की, उसके बाद छात्र नेताओं को बातचीत का निमंत्रण भेजा गया।
सरकार के प्रस्ताव के बावजूद छात्र अपनी दो बड़ी शर्तों पर स्थिर हैं। उनका कहना है कि बातचीत सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ होनी चाहिए, और बैठक के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहें। ताकि सब कुछ खुला, साफ-सुथरा और पारदर्शी रहे। छात्र नेताओं का तर्क है कि आंदोलन राज्यभर के अभ्यर्थियों का है, इसलिए बातचीत भी खुलकर, निष्पक्ष ढंग से ही होनी चाहिए।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का धरना लगातार 13वें दिन भी चल रहा है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कुल छह छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से बात की। उनकी अपील पर उन्होंने पानी तो लिया, पर यह भी साफ किया कि अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता।
JPSC भर्ती परीक्षा विवाद में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसी CID अपना काम आगे बढ़ा रही है। इधर छात्र CBI और ED से जांच कराने, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और कुछ अन्य मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की कवायद चलती दिख रही है, पर फिलहाल इस विवाद का अंतिम समाधान… निकलना बाकी ही माना जा रहा है।