महिलाओं को नियमित मदद, सेहत पोषण में बेहतर तालमेल, और फैसलों में भागीदारी ये सब लाड़ली बहना योजना का मकसद है , जानिए 41वीं किस्त के बारे में भी थोड़ा सा

लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने पैसा देने का मकसद आखिर क्या है, और इस साल इसके लिए कुल कितना बजट रखा गया है? 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के गुरुवाही गांव से 41वीं किस्त को जारी करेंगे। उससे पहले ये दो सवाल, हल्के-फुल्के बहुत अहम बन जाते हैं, सही में।
इस योजना को इस तरह बनाया गया है कि पात्र महिलाओं को लगातार आर्थिक मदद मिलती रहे। साथ ही उनकी सेहत और पोषण का स्तर बेहतर हो, और घर-परिवार के फैसलों में उनकी भागीदारी भी मजबूत हो। ये रकम, सामान्य श्रेणी की पात्र लाभार्थी महिलाओं को हर महीने दी जाती है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹23,882.81 करोड़ का प्रावधान किया है। यानि, साल भर का पिटारा काफी बड़ा रखा गया है।
योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को पहली सहायता दी गई थी। सितंबर 2026 तक 40 किस्तें जारी हो चुकी हैं। अब 41वीं किस्त में करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में सीधे ₹1,500 प्रति लाभार्थी ट्रांसफर किए जाएंगे। रकम आधार से लिंक और डीबीटी एक्टिव खातों में ही पहुंचेगी, ये शर्त वाला हिस्सा भी ध्यान में रखा जाता है।
इसी कार्यक्रम में 136 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन प्रस्तावित है। इनकी अनुमानित लागत 14,415.93 लाख रुपये बताई गई है, यानी करीब 144.16 करोड़ रुपये के आसपास। इसमें 68 कार्यों का लोकार्पण 8,731.55 लाख रुपये से किया जाएगा, और 68 कार्यों का भूमिपूजन 5,684.41 लाख रुपये के खर्च में होगा। ये सारे काम बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।
बांधवगढ़ विधानसभा में 5,906.99 लाख रुपये के 18 कार्यों का लोकार्पण प्रस्तावित है, और 3,225.22 लाख रुपये के 46 कार्यों का भूमिपूजन। मानपुर क्षेत्र की बात करें तो 2,824.56 लाख रुपये के 50 कार्य लोकार्पण के लिए, और 2,459.16 लाख रुपये के 22 कार्य भूमिपूजन के लिए तय हैं। ऐसे में, सम्मेलन के साथ-साथ जिले का विकास वाला क्रम भी, साथ चलने की बात कही जा रही है।



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