CJP Protest: CJP का प्रदर्शन फिर जंतर-मंतर पर शुरू हो गया है। NDA बैठक में पीएम मोदी ने पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई और किसानों के हित सुरक्षित रहने की बात कही।
CJP Protest: नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी काक्रोच जनता पार्टी लगातार अपनी मांगो पर अड़ी हुई है। जंतर-मंतर पर एक बार फिर से प्रोटेस्ट शुरू हो गया है। इस बीच मंगलवार को हुई NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक और भारत-अमेरिका ट्रेड डील जैसे अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
PM मोदी बोले- पेपर लीक पर राजनीति नहीं, दोषियों को मिले सख्त सजा
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी भरोसा दिलाया कि इस समझौते से देश के किसानों के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
सोमवार को CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह से शाम तक चले इस प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस दौरान 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए।
जेपी नड्डा से हुई थी CJP की मुलाकात
प्रदर्शन के बीच CJP के प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन प्रमुख मांगें उनके सामने रखीं। नड्डा ने आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखा
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। इसी वजह से उन्होंने अपना विरोध जारी रखने का फैसला लिया है।
वहीं, अभिजीत दीपके ने अपना अनशन खत्म कर दिया। उनके साथ 22 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे तीन अन्य छात्रों ने भी अनशन तोड़ दिया।
अभिजीत दीपके का आरोप
अभिजीत दीपके ने कहा कि संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता की। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोबारा संसद मार्च नहीं निकाला जाएगा, क्योंकि कई छात्र घायल हुए हैं। उनके मुताबिक, सरकार और पुलिस को छात्रों की परवाह नहीं है, लेकिन हमें अपने साथियों की चिंता है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत का इंतजार कर रहे हैं।